आरती संग्रह · विष्णु जी

ॐ जय जगदीश हरे

Vishnu / Jagadish Aarti — Om Jai Jagdish Hare

Deity
Vishnu
Tradition / author
Traditional (widely attributed in popular devotion to Shardha Ram Phillauri tradition)
When to recite
Evening aarti in Vaishnava homes and temples; Sundays; Ekadashi

Complete traditional aarti. The universal North Indian aarti of the Lord of the Universe — sung for Vishnu, Krishna, and Rama alike.

सुनें · Listen

Anuradha Paudwal · Om Jai Jagdish Hare

Open audio on YouTube ↗

Popular YouTube recording to listen while reading. Open on YouTube if the player does not load.

पाठ · Text

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
स्वामी दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

मात पिता तुम मेरे, शरण करूँ मैं किसकी।
स्वामी शरण करूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालन कर्ता।
स्वामी तुम पालन कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

दीनबंधु दुखहर्ता, ठाकुर तुम मेरे।
स्वामी ठाकुर तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तन मन धन सब कुछ है तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

Meaning

Complete Om Jai Jagdish Hare — the pan-North-Indian aarti of the Lord of the Universe: remover of distress, inner controller, ocean of mercy, and the offering of body–mind–wealth back to God.

More Aarti Vishnu temples