Complete traditional aarti. Aarti of Lord Satyanarayan — form of Vishnu worshipped in the popular vrat-katha tradition.
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Anuradha Paudwal · Om Jai Lakshmi Ramana
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पाठ · Text
जय सत्यनारायण स्वामी, जय लक्ष्मी पति।
आरती तेरी जो गावे, पावे शुभ गति॥
सत्य धर्म के पालन से, प्रसन्न होते हो।
भक्त जनों के संकट को, क्षण में हरते हो॥
कथा सुनै जो श्रद्धा से, मन वांछित फल पावै।
प्रसाद चरणामृत से, पाप ताप नसावै॥
विष्णु रूप धर सत्यनारायण, जगत के आधार।
शंख चक्र गदा पद्म, शोभित कर चार॥
लक्ष्मी संग विराजमान, करुणा के सागर।
दीनबंधु दुखहर्ता, भक्तन के नागर॥
आरती उतारूँ प्रेम से, दीप धूप धरूँ।
सत्य मार्ग पर राखो नाथ, चरणन सिर धरूँ॥
जय सत्यनारायण स्वामी, जय लक्ष्मी पति।
आरती तेरी जो गावे, पावे शुभ गति॥
Meaning
Aarti of Satyanarayan — the Lord of Truth; sung at the end of Satyanarayan puja with prasadam.