Complete traditional vrat katha. The appearance of Hanuman and the simple Tuesday vow kept in his name.
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Mangalwar / Hanuman Vrat Katha · Hindi
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पाठ · Text
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ श्री हनुमते नमः ॥
हनुमान जयंती · मंगलवार व्रत कथा।
अंजनी और पवनदेव की कृपा से हनुमान जी का प्राकट्य हुआ। बाल्यावस्था में उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगलने का प्रयास किया — तभी उनकी दिव्य शक्ति प्रकट हुई।
राम भक्ति में लीन हनुमान ने लंका में सीता का पता लगाया, संजीवनी लाई, और राम-रावण युद्ध में अतुलित पराक्रम दिखाया। वे रामदूत और संकटमोचन हैं।
हनुमान जयंती विभिन्न प्रदेशों में भिन्न तिथियों पर मानी जाती है — चैत्र पूर्णिमा उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। मंगलवार भी हनुमान को विशेष प्रिय है।
मंगलवार व्रत में भक्त तेल-सिंदूर चढ़ाते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और संकट-मोचन की प्रार्थना करते हैं।
व्रत विधि: स्नान कर हनुमान जी की पूजा। लाल वस्त्र/माला, सिंदूर, रोली, जनेऊ, लड्डू/बूंदी का भोग। ‘ॐ हं हनुमते नमः’ जाप।
हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। मंदिर में आरती 「आरती कीजै हनुमान लला की」 गाएँ।
मंगलवार को सात्त्विक व्रत रखें; क्रोध और अहंकार छोड़ें। सेवा और बल का उपयोग धर्म के लिए करें — यही हनुमान-शिक्षा है।
फलश्रुति: हनुमान जयंती/मंगलवार व्रत से भय दूर होता है, रोग-ऋण का नाश होता है, और साहस-भक्ति बढ़ती है।
जो संकट में ‘जय हनुमान’ पुकारते हैं, संकटमोचन अवश्य सहाय करते हैं।
॥ जय श्री राम ॥ जय बजरंगबली ॥
Meaning
Hanuman Jayanti and Tuesday vows honour Hanuman — Anjani’s son, Rama’s messenger, and Sankat Mochan. Devotees offer sindoor, recite Hanuman Chalisa, sing aarti, and pray for courage, protection, and steadfast devotion.