चालीसा संग्रह · गणेश जी

गणेश चालीसा

Ganesha Chalisa

Deity
Ganesha
Tradition / author
Traditional
When to recite
Before new beginnings, Chaturthi, daily Vinayaka japa

Complete traditional chalisa. Forty verses to the elephant-faced lord who removes vighna (obstacles).

सुनें · Listen

Anuradha Paudwal · Ganesh Chalisa

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पाठ · Text

जय गणेश जय जय सुखदाता। जय गौरीपति जय शिवशुता॥
जय जय विघ्नहारी सुखदाता। जय जय विश्व विनायक त्राता॥

एक दंत दयावत रूप। स्वानन बदन विपुल अनूप॥
लम्बोदर गजवदन गौरीसुत। विघ्न विनाशक मंगलमूर्ति॥

मूषक वाहन परम सुहावन। सिद्धि बुद्धि नायक पावन॥
मोदक प्रिय करुणा कंदा। भक्तन के संकट हरि मंदा॥

विघ्नेश्वर गणनायक स्वामी। अष्ट विनायक नाम नामी॥
मोरेश्वर सिद्धीविनायक। बल्लालेश्वर वरद विनायक॥

चिंतामणि गिरिजात्मज सोहे। विघ्नहर महागणपति मोहे॥
जो कोई इन को नित गावै। विघ्न नास सिद्धि फल पावै॥

शुक्लambar धर गजानन। लम्बोदर वकट सुन्दर बदन॥
विघ्न विनाशक मंगलकारी। सिद्धि बुद्धि दाता सुखकारी॥

पुत्र हीन की कामना पूरी। होय सिद्ध अरु बुद्धि हजूरी॥
रोग दोष संकट सब नासैं। जो गणेश चालीसा लासैं॥

शत्रु मित्र होय सब सनेही। गणपति कृपा ते दुख नहिं केही॥
धन धान्य सुख संपति आवै। दारिद्र दोष न निकटहि जावै॥

चतुर्थी व्रत जो नर राखै। गणपति कृपा ते मुक्तिहि भाखै॥
मोदक भोग लगावै जोई। मन कामना सिद्धहि होई॥

संकष्टी चतुर्थी जो मानै। विघ्न हरे अरु सुखहि प्रदानै॥
आरंभ कर्म में जो ध्यावै। निर्विघ्न कार्य सफलहि आवै॥

विद्या बुद्धि दया रस दीजै। भक्तन कष्ट सकल हर लीजै॥
जय जय गणनायक प्यारे। जय जय विघ्नहारी हमारे॥

तुलसी दास कहै कर जोरी। श्रीगणेश चरन मन बसि मोरी॥
गणेश चालीसा जो नर गावै। सिद्धि बुद्धि सुख संपति पावै॥

विद्या बुद्धि के दाता स्वामी। प्रथम पूज्य गणनायक नामी॥
सकल कार्य में प्रथम ध्यावैं। निर्विघ्न होय सिद्धहि आवैं॥

ऋद्धि सिद्धि संग बिराजै। भक्त दुआरे विघ्नहि भाजै॥
शुभ लगन में गणपति आवैं। मंगल कार्य सिद्धहि छावैं॥

विवाह यज्ञ गृह प्रवेश। गणपति पूजन बिना न लेश॥
परीक्षा विद्यारंभ करैया। बुद्धि बल देत विनय धरैया॥

एकदंत गजानन सोहे। लम्बोदर पीताम्बर मोहे॥
सर्प यज्ञोपवीत बिराजै। मूषक वाहन शोभा साजै॥

मोरगांव सिद्धहस्तेक। पाली महाड थेऊर लोक॥
लेण्याद्री ओझर रांजणगांव। अष्टविनायक जसु ललाम॥

काशीप्रयाग उज्जैन धाम। गणपति मंदिर जहँ ललाम॥
मुंबई सिद्धिविनायक स्वामी। दर्शनमात्रे काज नामी॥

संकष्टी व्रत कथा जो सुनै। विघ्न हरे अरु सुखहि चुनै॥
अंगारकी चतुर्थी जो राखै। विशेष फल गणपति भाखै॥

मोदक लड्डू प्रिय तिहारे। दुर्वा पत्र अर्पण सारे॥
लाल फूल सिंदूर चढ़ावै। मन कामना सिद्धहि आवै॥

ॐ गं गणपतये नमः जपै। जन्म जन्म के विघ्न न छपै॥
गणेश अथर्वशीर्ष जो गावै। ब्रह्म ज्ञान उर में छावै॥

विनायक विघ्नेश्वर गावै। गजानन गणनायक छावै॥
एकदंत हेरंब कहावै। लंबोदर सुख संपति लावै॥

जय जय गणपति करुणा कंदा। जय जय विघ्नहारी अनंदा॥
दासन पर राखहु अपनी छाया। सब दिन रहै कृपा की माया॥

॥ दोहा ॥
गणेश चालीसा प्रेम से, जो नर पढ़ै सुजान।
विघ्न हरे सिद्धि देत प्रभु, करैं भक्त कल्याण॥

Meaning

Complete Ganesha Chalisa including Ashtavinayak names, Chaturthi/Sankashti vow fruits, and doha phalashruti.

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