Complete traditional aarti. Maharashtra’s beloved Ganapati aarti — now sung across India at the start of worship.
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Anuradha Paudwal · Sukhkarta Dukhharta
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पाठ · Text
सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची॥
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदुराची।
कंठी झलके माल मूक्ताफळांची॥
जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरति॥
रत्नखचित फरा तूझ गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा॥
हीरेजडित मुकुट शोभतो बरा।
рунवी चर्णी तळी पडतां अधीरा॥
जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरति॥
लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना॥
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे निर्वाणी देऊना॥
जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरति॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव॥
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्वं मम देव देव॥
जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरति॥
जय मंगलमूर्ति॥
Meaning
Complete Marathi aarti Sukhkarta Dukhharta by the Samarth Ramdas tradition — Mangalamurti Ganesha who fulfils wishes on sight, with the jayadev refrain.